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Supreet Verma

Tragedy Others

3  

Supreet Verma

Tragedy Others

"ऐ खुदा "

"ऐ खुदा "

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ऐ खुदा यूं छोड़ के

जाने ना देना दिल तोड़ के,


ऐ खुदा खुद से खफा क्यूं दिल जरा मुझको बता 

है परेशां मन मेरा, क्यूँ बंद है नैना मेरे खोल जरा 

हो रहा है सब खतम क्यूं लगे मुझे यूं ना सता।। 


ऐ खुदा यूं छोड़ के 

जाने ना देना दिल तोड़ के।। 


मुस्कुराने का है मन, फिर क्यूं नहीं ऐसा समा 

बंद हैं सब दरवाजे क्यूँ, क्यूँ चुप है तेरा भी जहां

न कुछ कहूं बस चुप रहूं, यही है मेरी दास्तां।। 


ऐ खुदा यूं छोड़ के 

जाने ना देना दिल तोड़ के।। 


न कुछ हुआ, न कुछ मिला 

बस चल रही है ये जिंदगी 

है सूकूं फिर उलझने क्यूं चोट करती फिर रही 

सिर झुका मैं माँगू दुआ, कर खुशनुमा मेरा जहां।। 


ऐ खुदा यूं छोड़ के 

जाने ना देना दिल तोड़ के।। 

                  


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