STORYMIRROR

KAMESH YADAV

Fantasy Others

4  

KAMESH YADAV

Fantasy Others

अहमियत

अहमियत

1 min
276

मैं जानता हूँ कि.. 

हम दोनों का रिश्ता 

जो की अब कोई खास नहीं रहा, 

लेकिन रिश्ता खास होना भी 

तो जरूरी नहीं होता है.. 

बस बात तो अब 

हम दोनों की 

अहमियत की है..

जो कहीं न कहीं

हम दोनों को जोड़े रखती है,

कुछ साल पहले तो 

हम दोनों एक दूसरे को 

काफी हद तक 

अच्छे से जानते थे 

बस इसलिए 

अब जो रिश्ता बच गया है 

वो है अहमियत का 

जो मुझको तुम से 

तुमको मुझ से 

दूर रखता है ...


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Fantasy