अधुरी कहानी।
अधुरी कहानी।
अधुरी कहानी का हमारा मिलन।
एक दिवार बनी हमारे रिश्ते में,
दर्द भी सहा हमारे रिश्ते ने,
अधुरापनसा रहा हमारे रिश्ते में,
खालीपनसा रहा हमारे रिश्ते में।
कुदरत ने भी क्या खुब रंग बदलें,
हर मोड़ हर राह पर कांटे बिखराए,
आंसुओं की नदियां बहती रही,
हिम्मत युही बढ़ती रही।
सोचा नथा क्या गुनाह था हमारा,
क्यु ये सब हुआ साथ हमारे,
वो पल वो लम्हे जो थे साथ गुजारे,
कितने हसीन थे वो सपने हमारे।
दर्द ही दर्द मीलता रहा,
जाने-अनजाने सहता रहा,
अंदर ही अंदर जलते रहे,
खुन के आंसु पीते रहें।
न सोचा था कभी वो हो गया,
टूटे दिलों में फिर से रंग भर गया,
बातें जो अनकही थी वो सुलझ गई,
रिश्तो में जो थी दुरियां अब मिट गई।
