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Pankaj Kumar

Tragedy

4  

Pankaj Kumar

Tragedy

अबॉर्शन

अबॉर्शन

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इक दिलदहलाने वाली खबर आज सुनी 

मारी पेट में आज फिर एक मासूम गयी 

उसकी फोटो भी एक जगह छपी थी 

वो तो एक गुड़िया जैसी थी 

जो पूरी भी न खिली थी 

उसे बेरहमी से काट दिया 

ये पैसे के भूखे हत्यारों ने 

भगवान भी कैसे माफ़ करेगा 

कर्म जो किये समाज के ठेकेदारों ने 


पर.. 

कसूर क्या था उसका 

गुनाह क्या था 

आने से पहले ही चले जाना 

ये फलसफा क्या था 

क्या उसकी माँ भी चाहती थी उसे मारना 

या बेबस लाचार चाहती थी उसे तारना 

क्या बाप के लिए वो इस कदर भारी थी 

या उसमे एक मर्द और औरत

के फ़र्क़ की खुमारी थी 


सोचता हूँ ऐसे कई सवाल 

और मन में उठता है एक उबाल 

कब तक ऐसे ही मारी जाएँगी निर्दोष 

सिर्फ लड़की का वजूद है 

क्या यही है इनका दोष 

क्यों आज भी ये शैतान नहीं बदले 

कितनो को मार कर हैवान नहीं बदले 


इस सोच को बदलना होगा 

हर कोख को पलना होगा 

वरना मारी जो ऐसे बेटियां जाएगी 

ये संसार की गति रुक जाएगी 

इस लिए सब समझ जाओ 

और अबॉर्शन की बीमारी को जड़ मिटाओ 



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