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Bharat Paswan

Romance

3  

Bharat Paswan

Romance

अब यह मुमकिन नहीं

अब यह मुमकिन नहीं

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अब तुमसे एक पल

दूर रह पाना मुमकिन नहीं

रातें जागकर गुजारता हूं

अब सिर्फ तेरे ख्वाब

देखना मुमकिन नहीं।


मुझे तुम छुपा ले खुद में कहीं

तुझसे जुदा रह पाऊं

अब ये मुमकिन नहीं

तुझसे मिला तो

जाना क्या है जिन्दगी।


अब सांस ले पाना

बिन तेरे मुमकिन नहीं

तू जिन्दगी दे या अब

दे तू मौत मुझे।


फासला ना रहे एक पल

अब दूरी मुमकिन नहीं

सिर्फ वादों से

यह जिन्दगी ना चले।

 

महसूस होता है,

तू है मेरे लिये लाजमी

तू प्यार से बढ़कर

बन गई है मेरी जिन्दगी।


धड़कनों की ही सिर्फ

आवाज सुन पाना

अब मुमकिन नहीं।


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