Bharat Paswan
Romance
क्या कहें तुमको हम,
हम तुमको कभी ना भूल पाएंगे,
मर भी गए अगर
तेरी यादों में सदा झिलमिलाएंगे
कड़वी ही सही तेरी बातों पर,
अब हम ना आंसू बहायेंगे
अलविदा हमेशा के लिए
सदा खुश रहो अपनी दुनिया में।
तेरी यांदों क...
मेरे प्यार को...
मैं मजबूर हो ...
कुछ पल दिन बह...
तुझे समझने की...
किसी को भूल ज...
तू ही एक मेरे...
दिल को दुखाने...
झूठे प्यार की...
तुमको भूल ना ...
तेरी हर रातों और सुबह को खुशनुमा बनाने की कसम खाई थी हमने तेरी हर रातों और सुबह को खुशनुमा बनाने की कसम खाई थी हमने
सावन माह में रिमझिम बरसात की बूँदें सुंदर संगीत का आभास कराती है सावन माह में रिमझिम बरसात की बूँदें सुंदर संगीत का आभास कराती है
आदत सी बन गई है अब अकेले रहने की, अब किसी को खोने का खौफ सताता भी नहीं आदत सी बन गई है अब अकेले रहने की, अब किसी को खोने का खौफ सताता भी नहीं
फिर तेरी याद ने, इस दिल को धड़का दिया। फिर तेरी याद ने, इस दिल को धड़का दिया।
'विवेक' से सोचो क्या कोई किसी से करता है यूँ ही इतना प्यार। 'विवेक' से सोचो क्या कोई किसी से करता है यूँ ही इतना प्यार।
लगता नहीं ये दुरियाँ होगी कम थोड़ा दूर हो तुम थोड़ा दूर है हम।। लगता नहीं ये दुरियाँ होगी कम थोड़ा दूर हो तुम थोड़ा दूर है हम।।
बुद्धिमान हो कर बुदिहीन की तरह यूं ही बिछुड़ते रहे। बुद्धिमान हो कर बुदिहीन की तरह यूं ही बिछुड़ते रहे।
तुम तो फ़ितरत बदलने में माहिर लगते हो बदल कर तक़दीर मेरी अब करवट बदलते हो तुम तो फ़ितरत बदलने में माहिर लगते हो बदल कर तक़दीर मेरी अब करवट बदलते हो
इस बिखरने से ही तो, ये दुनिया बनती है, मिलन की नई - नई सीढ़ी, जब वो चढ़ती है। इस बिखरने से ही तो, ये दुनिया बनती है, मिलन की नई - नई सीढ़ी, जब वो चढ़ती है।
अर्धांगिनी बनके तू समा जा मुझमें, मैं ना रहूँ मैं फिर आई नेने पहचान पत्र मांगा। अर्धांगिनी बनके तू समा जा मुझमें, मैं ना रहूँ मैं फिर आई नेने पहचान पत्र मां...
पर वह मुरझाया फूल, तो अभी-भी ना खिल पाया है पर वह मुरझाया फूल, तो अभी-भी ना खिल पाया है
मेरे प्यार को भी तुम आज़माना पूरे जीवन में चाहे एक बार ही सही। मेरे प्यार को भी तुम आज़माना पूरे जीवन में चाहे एक बार ही सही।
शाम से आँखों में कुछ-कुछ नमी सी थी.. शाम से आँखों में कुछ-कुछ नमी सी थी..
और मैं खुद को समेटते बैठी रहती हूं तुम्हारी पुरानी यादों के सहारे। और मैं खुद को समेटते बैठी रहती हूं तुम्हारी पुरानी यादों के सहारे।
जिस दिन से नज़र मेरी इस पे पड़ी, लगी सच कहूँ प्रेम की एक झड़ी जिस दिन से नज़र मेरी इस पे पड़ी, लगी सच कहूँ प्रेम की एक झड़ी
आज की रात बेखौफ रात है, काली तो है पूर्ण काली रात। आज की रात बेखौफ रात है, काली तो है पूर्ण काली रात।
ये आँसू मत बहाओ तुम,खुशी तेरी मुझको चाहिए। ये आँसू मत बहाओ तुम,खुशी तेरी मुझको चाहिए।
रज़ा पूछने में कहीं ....ये वक़्त गुजर ना जाए, मेरे जवाब का क्या रज़ा पूछने में कहीं ....ये वक़्त गुजर ना जाए, मेरे जवाब का क्या
दिल के ज़ख़्म दिखाएंँ किसको कोई अपना हो तो बुलाए उसको! दिल के ज़ख़्म दिखाएंँ किसको कोई अपना हो तो बुलाए उसको!