STORYMIRROR

Sarika Bansode

Tragedy

4  

Sarika Bansode

Tragedy

अब मेरे हाल पें ना शोर मचाना

अब मेरे हाल पें ना शोर मचाना

1 min
383

हर हाल में तुझको जी लिया जिंदगी 

अब मेरे हाल पे ना शोर मचाना 

रुख़सत भी हम हो जाये तो 

हँसते हँसते हमें अलविदा करना 

अब मेरे हाल प ना शोर मचाना।


सौ बार तूने सौ टुकड़ों में काटा, जिंदगी 

उमर से जादा तूने हमको लुटा 

छीन ली खुशियां सारी तोड़े सारे सपने 

कैसा ये जीना जिसमें हर पल हो मरना 

अब मेरे हाल पे ना शोर मचाना।


हर उम्मीद हमारी निकली साये जैसी 

सपनों में बावरी ना रातों में सोयी 

हाथों तक आते आते छूटे हैं किनारे हमसे 

गैर तो गैर पर अपने भी निकले बेगाने 

रब झूठा दुनिया झूठी सब और अंधेरा 

अब मेरे हाल पे ना शोर मचाना...


अकेला सफर मेरा तन्हा मैंने काटा 

"जिसे दिल में पूजा उसी ने दिया धोका"

मतलब की दुनिया मतलब के रिश्ते 

जाये कहाँ हम अपना ग़म ले के 

"खुद के हाथों से अपना जनाज़ा है सजाना"

अब मेरे हाल पे ना शोर मचाना।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy