अब कौन खरीदेगा ?
अब कौन खरीदेगा ?
अब कौन खरीदेगा तेरी आँखों के आंसू,
सुना है जो महोब्बत का खरीददार था।
उसे महोब्बत रास ना आयी,
और महोब्बत छोड़ दी उसने।
एक पल के लिए दिल ठहर जा,
मोहब्बत की कहानी सुनाए।
क्या ज़रूरत है खरीददार की,
अपनी आँखों से खुद को सजाए।
अब कौन खरीदेगा तेरी आँखों के आंसू,
सुना है जो महोब्बत का खरीददार था।
उसे महोब्बत रास ना आयी,
और महोब्बत छोड़ दी उसने।
आँखों के आंसू बिखरे,
मोहब्बत का खरीदार गया।
राहत नहीं मिली उसे,
मोहब्बत को छोड़ दिया।
अब कौन खरीदेगा तेरी आँखों के आंसू,
सुना है जो महोब्बत का खरीददार था।
उसे महोब्बत रास ना आयी,
और महोब्बत छोड़ दी उसने।
आँखों के आंसू बेकार,
मोहब्बत का खरीददार बिखरा।
रहा बेरंग ख्वाबों के संग,
मोहब्बत से उसका मन फिरा।
अब कौन खरीदेगा तेरी आँखों के आंसू,
सुना है जो महोब्बत का खरीददार था।
उसे महोब्बत रास ना आयी,
और महोब्बत छोड़ दी उसने।
आँखों के आंसू किनारे पे गिरे,
मोहब्बत के खरीददार थे धुंधले से।
रास नहीं आई उन्हें मोहब्बत,
छोड़ दी मोहब्बत उन्होंने, राहत की तलाश में।
आँखों के आंसू बहते रहे,
मोहब्बत का खरीददार अकेला रहा।
रास नहीं आई उसे मोहब्बत,
छोड़ दी उसने, अलविदा कहा।
अब कौन खरीदेगा तेरी आँखों के आंसू,
सुना है जो महोब्बत का खरीददार था।
उसे महोब्बत रास ना आयी,
और महोब्बत छोड़ दी उसने।
आँखों के आंसू कहानी बन गए,
मोहब्बत का खरीददार अकेला रह गया।
रास ना आई उसे मोहब्बत की,
छोड़ दियाउसने मोहब्बत की दुनिया को।
अब कौन खरीदेगा तेरी आँखों के आंसू,
सुना है जो महोब्बत का खरीददार था।
उसे महोब्बत रास ना आयी,
और महोब्बत छोड़ दी उसने।
