Sonam Kewat

Abstract


2  

Sonam Kewat

Abstract


आसमां को छूने की चाह

आसमां को छूने की चाह

1 min 242 1 min 242

हर एक जिंदगी की अपनी अपनी राह है

पर मेरी तो आसमां को छूने की चाह हैं

कई कहते हैं कि ये तो नामुमकिन है

और हम सिर्फ अपने काम में लीन है

ऊचाईयां मिल ही जाएंगी विश्वास है

यही लोग कहेंगे उन्हें हमपे नाज है

हमें अपनी काबिलियत से मिलाती है

फिर ये सफलता की सीढ़ी कहलाती हैं

इसपर चढ़ना इतना भी आसान नहीं है

ये हर किसी के बस की बात नहीं है

चढ़ते वक्त अक्सर ठोकरें दे जाती हैं

पर ये ठोकरें ही हमे मजबूत बनाती हैं

गिरते गिरते एक दिन उठ ही जाएंगे

देखना फिर हम नई पहचान बनाएंगे

जब भी ये ऊचाईयां मुझे आजमाती है

आसमां को छूने की चाह बढ़ती जाती है






Rate this content
Originality
Flow
Language
Cover Design