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Manisha Wandhare

Abstract Romance

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Manisha Wandhare

Abstract Romance

आशिक बना दिल...

आशिक बना दिल...

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धुंधला धुंधला सा साया आँखों में रहता है ,

कौन है ये जो हर वक्त दिल का हाल पुछता है ...


हम नजर अंदाज कर देते है उसे फिर भी चुप,

न जाने क्या बात हम उसे या वो हमसे कहता है ...


जब देखा पहली बार तो चुरा के दिल हमारा ले गया,

बस वो घड़ी है और हमारा चैन हर रोज उसे ढूंढता है ...


अब के मिले कही व तो कह दूं दिल का हाल उसे ,

 प्यार में देखों आँखों में साया आपका लेके घुमता है ....


अब आरजू जुस्तजू पागलपन या दीवानापन कहो,

आशिक बना दिल दीदार सिर्फ आपका चाहता है...


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