STORYMIRROR

Manisha Wandhare

Abstract

3  

Manisha Wandhare

Abstract

हम ना रुकेंगें...

हम ना रुकेंगें...

1 min
23

तुम छोड गये तो क्या
हम ना रुकेंगे
तुम्हारे साथ या तुम्हारे सिवा
हम चलते रहेंगे...

तुम दिल से जुड़े थे
दिल तोडके गये हो
तुम्हे क्या लगा इसकदर
दुनिया उजाड के गये हो...

देख लो याद रखना
चाहा था तुमको आज भी चाहते है
तुम्हारा साथ नही तो यादों सें मुस्कुराते है
गम वो नही जो तुमने दीया
हम तो एहसासों सें बिहाये बैठें है...



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract