D.N. Jha
Action Inspirational
आशा के आकाश पर,टिके हुए हैं लोग।
अपने अपने कर्म का,भोग रहे हैं भोग।।
भोग रहे हैं भोग, यहाॅं जब तक है जीवन।
लेकर उनका नाम,करें हम खुद को पावन।।
मन में हो यदि धैर्य,कभी आए न निराशा।।
दीपक उनसे प्रीत,सदा उनसे ही आशा।।
चंद्रयान
चारधाम (कुंडल...
महॅंगाई
मालिक
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योग
आएगा तूफान
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किसान
लोग देखेंगे साथ हमें रहेंगे हाथ मलते -मलते। लोग देखेंगे साथ हमें रहेंगे हाथ मलते -मलते।
कभी भी मुझसे झूठ नहीं बोलते हो मुझे मेरे सच से ही मिलाते हो कभी भी मुझसे झूठ नहीं बोलते हो मुझे मेरे सच से ही मिलाते हो
ना जाने आज ये, किसका ख़याल आया है ! ना जाने आज ये, किसका ख़याल आया है !
हाँ वो बातों-बातों में इश्क का इज़हार भी करता है हाँ वो बातों-बातों में इश्क का इज़हार भी करता है
मुझको ना तुम समझो अबला, मैं दुर्गा रूपी नारी हूं। मुझको ना तुम समझो अबला, मैं दुर्गा रूपी नारी हूं।
ये पवित्र नदियां भारत की। युगों- युगों तक बहती रहें ये पवित्र नदियां भारत की। युगों- युगों तक बहती रहें
कुछ को पल में बर्बाद किया पर हमें तो सालों-साल किया कुछ को पल में बर्बाद किया पर हमें तो सालों-साल किया
हर राह पत्थर सम हो नहीं सकती हर राह पत्थर सम हो नहीं सकती
ऊपर से काले लोग विदेश जा रहे जब सर मोटाभाई आया। ऊपर से काले लोग विदेश जा रहे जब सर मोटाभाई आया।
याद सताए आंसू नहीं रुकते कैसे संभाले याद सताए आंसू नहीं रुकते कैसे संभाले
कोई इसे बाहर निकाल दिखा देता कमाल है। कोई इसे बाहर निकाल दिखा देता कमाल है।
एक-दूजे के लिए आँखें बिछाना, एक और एक ग्यारह सदा रहना। एक-दूजे के लिए आँखें बिछाना, एक और एक ग्यारह सदा रहना।
मां की गोदी में सर रखकर,आराम से मुझको सोना है,मुझे फिर से छोटी बनना है। मां की गोदी में सर रखकर,आराम से मुझको सोना है,मुझे फिर से छोटी बनना है।
प्यार में आंसू बहाए बहुत है, प्रेम की कसमें खाए बहुत है, प्यार में आंसू बहाए बहुत है, प्रेम की कसमें खाए बहुत है,
निर्दयता को अपनी यह ताकत कहते है। निर्दयता को अपनी यह ताकत कहते है।
છોડ માંગે પરવરીશ, વટવૃક્ષ બને છે બચપણ ત્યારે .. છોડ માંગે પરવરીશ, વટવૃક્ષ બને છે બચપણ ત્યારે ..
हर साँचे ढलने की सौगात हो, जरूरत परिवर्तन भी प्राप्त हो।। हर साँचे ढलने की सौगात हो, जरूरत परिवर्तन भी प्राप्त हो।।
वही है पालनहार करो उसी से ही प्यार यार अनन्या की ये बात गांठ बांध लो। वही है पालनहार करो उसी से ही प्यार यार अनन्या की ये बात गांठ बांध लो।
हमारी तरफ हाथ बढ़ाई हमने जोर से आवाज लगाई हमारी तरफ हाथ बढ़ाई हमने जोर से आवाज लगाई
व्यथा का आक्रोश बताता हूँ हृदय की भावना खोलता हूँ व्यथा का आक्रोश बताता हूँ हृदय की भावना खोलता हूँ