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D.N. Jha

Action Inspirational

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D.N. Jha

Action Inspirational

आशा

आशा

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आशा के आकाश पर,टिके हुए हैं लोग।

अपने अपने कर्म का,भोग रहे हैं भोग।।


भोग रहे हैं भोग, यहाॅं जब तक है जीवन।

लेकर उनका नाम,करें हम खुद को पावन।।


मन में हो यदि धैर्य,कभी आए न निराशा।।

दीपक उनसे प्रीत,सदा उनसे ही आशा।।


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