D.N. Jha
Action Inspirational
आशा के आकाश पर,टिके हुए हैं लोग।
अपने अपने कर्म का,भोग रहे हैं भोग।।
भोग रहे हैं भोग, यहाॅं जब तक है जीवन।
लेकर उनका नाम,करें हम खुद को पावन।।
मन में हो यदि धैर्य,कभी आए न निराशा।।
दीपक उनसे प्रीत,सदा उनसे ही आशा।।
चंद्रयान
चारधाम (कुंडल...
महॅंगाई
मालिक
विश्राम को हर...
योग
आएगा तूफान
बिखर रहे परिव...
आओ सीखें कुछ ...
किसान
अगस्त पंद्रह के दिन, लाल किला ध्वज सजाया। अगस्त पंद्रह के दिन, लाल किला ध्वज सजाया।
चांदनी, तारों की बारात के साथ घूमने चलते हैं। चांदनी, तारों की बारात के साथ घूमने चलते हैं।
सब मिल-झुलके रहे और बोले हम जय हिंदुस्तान। सब मिल-झुलके रहे और बोले हम जय हिंदुस्तान।
1944 मे भारतीय दबदबा बनाकर अंग्रेजों से भारत के कुछ हिस्से जीत गए। 1944 मे भारतीय दबदबा बनाकर अंग्रेजों से भारत के कुछ हिस्से जीत गए।
दहेज के जो मांग रखी गई थी वो लड़की वाले देने में चूक गए थे दहेज के जो मांग रखी गई थी वो लड़की वाले देने में चूक गए थे
गुलाब के फूलों की महक है भारत की माटी।। गुलाब के फूलों की महक है भारत की माटी।।
होश जोश संभाल, मनाएं हम आजादी। होश जोश संभाल, मनाएं हम आजादी।
गोविंद तुम नारायण तुम नाथ तुम योगिराज तुम तुम मार्गदर्शक तुम पथप्रदर्शक गोविंद तुम नारायण तुम नाथ तुम योगिराज तुम तुम मार्गदर्शक तुम पथप्रदर्श...
अब तो बन जाओ तुम हस्ती बच जायेगी फिर से रच जायेगी ! अब तो बन जाओ तुम हस्ती बच जायेगी फिर से रच जायेगी !
जो किसी के तीखे शब्दों से शायद घायल हो चुका है जो किसी के तीखे शब्दों से शायद घायल हो चुका है
तर्क विकसित करके, समृद्ध करें इक्कीसवीं सभी। तर्क विकसित करके, समृद्ध करें इक्कीसवीं सभी।
कालिया नाग विजय धारित कृष्णा, जन्माष्टमी दिवस दुनिया भर में विशेष। कालिया नाग विजय धारित कृष्णा, जन्माष्टमी दिवस दुनिया भर में विशेष।
आन बान शान हो ? मान, गुमान और जान हो। आन बान शान हो ? मान, गुमान और जान हो।
दिल से प्यार करती हूं तुझे और एक सच्चा हमसफर मानती हूं। दिल से प्यार करती हूं तुझे और एक सच्चा हमसफर मानती हूं।
कृष्ण को अगर आना भी होगा अर्जुन को गांडीव उठाना होगा। कृष्ण को अगर आना भी होगा अर्जुन को गांडीव उठाना होगा।
आमंत्रित करती कह ये मेरा घर, यहाँ मिलेगी सबको छत्रछाया। आमंत्रित करती कह ये मेरा घर, यहाँ मिलेगी सबको छत्रछाया।
है नमन हमारा इस पृथ्वी को जिस में समाया हमारा वजूद। है नमन हमारा इस पृथ्वी को जिस में समाया हमारा वजूद।
स्वतंत्रता करती है हमारा बेहतर विकास, लेकिन जीवन में बंधन भी होते हैं खास। स्वतंत्रता करती है हमारा बेहतर विकास, लेकिन जीवन में बंधन भी होते हैं खास।
ऊँचाइयों का कोई पैमाना नहीं ऊँचाइयों का कोई पैमाना नहीं
जब वो न होते तो तस्वीर हमसफ़र हमारी। जब वो न होते तो तस्वीर हमसफ़र हमारी।