STORYMIRROR

Jalpa lalani 'Zoya'

Abstract Drama Action

3  

Jalpa lalani 'Zoya'

Abstract Drama Action

किसका ख़याल आया है !

किसका ख़याल आया है !

1 min
234

अश्कों का सूखा समंदर फिर से भर आया है,

दिल के दर पर उसका अक्स नज़र आया है।


हसीं मौसम के साथ, मन में तूफान लाया है,

ना जाने आज ये, किसका ख़याल आया है!


ग़म-ए-ज़ीस्त में साथ छोड़कर चला गया था,

शायद फिर से ज़ख्मों को हरा करने आया है।


सुकूँ तो छीन गया अब साँस लेने भी आया है,

ना जाने आज ये, किसका ख़याल आया है !


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract