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sarika k Aiwale

Romance Tragedy Inspirational


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sarika k Aiwale

Romance Tragedy Inspirational


आरजू ए कशिश

आरजू ए कशिश

1 min 180 1 min 180

बस इस पार है आह ए जिंदगी 

बेबसी तो मौत को भी खले है 

बडे बेपर्वाह है राह ए जिंदगी 

शौकिन ए मिजाज तो मौत को तरसे है .. 


खलीश मजल दर मजल बढ रही जो 

बारिश ए असुओंकी क्या कमी है

गुंज रही हर दिलमे धडकन बनके जो 

निगाह ए गुनाह जाने तोहमते लागाये है... 


खामोशिया बया कर रही है जो 

दिल की दास्तान युही शोर ए मगलूल हो रही है.. 

शाम यूँ ही नहीं तड़प रही जो 

इस तन्हा दिल की आरजू ए कशिश है।


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