Rashmi Lata Mishra
Classics
कोई आराध्य क्यों
जो अदृश्य होकर भी
एहसास दिलाता है
एक शक्ति का, एक विश्वास का
एक सहारा, सबसे प्यार का
केवल मौन!
न कोई शिकायत
न कोई फ़रमाइश,
न दुःख में दुःखी
न सुख में उत्साहित,
केवल तटस्थ, शांत
प्रति मूर्ति-सा
आराध्य है वो!
मौसम,गजल
गजल
पवित्र प्रेम
फागुन
वसंत आ गया
वासन्ती चादर
छुपता-छुपाता
धड़कन दिल की
बसंत देखो आ ग...
भारत की वायुसेना के प्रहार से दुश्मन ना कभी बचा है ना कभी बचेगा... वायुसेना और उसके वीर कमांडो ने ऐस... भारत की वायुसेना के प्रहार से दुश्मन ना कभी बचा है ना कभी बचेगा... वायुसेना और उ...
अपना भारत देश इतना महान है की, देवताओं का भी सही सपना होता है... पृथ्वी पर कहीं जन्म हो तो वह सिर्फ ... अपना भारत देश इतना महान है की, देवताओं का भी सही सपना होता है... पृथ्वी पर कहीं ...
प्यार की ही बातों से प्यास सारी बुझने लगी ! प्यार की ही बातों से प्यास सारी बुझने लगी !
शुमार है ये नमस्कार मेरी आदत में। मिला न कोई नमस्कार किस लिए करता? वो चाहते है कि खामोशियां मैं ओढ... शुमार है ये नमस्कार मेरी आदत में। मिला न कोई नमस्कार किस लिए करता? वो चाहते है...
आओ गुणगान करें हम भारत का गान करें जिस देश की मिट्टी में पले बढ़े हैं उसकी इतिहास का बखान करें आओ गुणगान करें हम भारत का गान करें जिस देश की मिट्टी में पले बढ़े हैं उसकी इत...
हाँ मैं ख़ुश हो जाता हूँ औरों की ख़ुशी में या कभी कभी यूँ ही बिना बात के क्योंकि ढूँढ लिया है मै... हाँ मैं ख़ुश हो जाता हूँ औरों की ख़ुशी में या कभी कभी यूँ ही बिना बात के क्य...
नीति से समाज में, सबका हो कल्याण। अनीति-कुरीति का, जब हो दमन। जीवन हो खुशहाल। नीति से समाज में, सबका हो कल्याण। अनीति-कुरीति का, जब हो दमन। जीवन हो खुशहाल...
ऐसी है भारत की नदियाँ ऐसी है भारत की नदियाँ
जैसे चंद्रमा दूर होकर भी, धरती का साथ नहीं छोड़ जाती है। जैसे चंद्रमा दूर होकर भी, धरती का साथ नहीं छोड़ जाती है।
कर्तव्य के लिए हम, एक पथ पर चलेंगे चाहें लगा देनी पड़े अपने प्राणों की बाजी, नहीं करा सकते, हम अपनी... कर्तव्य के लिए हम, एक पथ पर चलेंगे चाहें लगा देनी पड़े अपने प्राणों की बाजी, नह...
एक नयी सुबह... बसंती फूलों से है हर चमन खिला-खिला, दूर कहीं अजान और आरती का स्वर मिला-जुला, जाती ... एक नयी सुबह... बसंती फूलों से है हर चमन खिला-खिला, दूर कहीं अजान और आरती का स्...
इससे अच्छा तो हमारा बचपन का ज़माना था। इससे अच्छा तो हमारा बचपन का ज़माना था।
नभ में धूल उड़ाती गायें गोधूलि वेला लाई हैं। नभ में धूल उड़ाती गायें गोधूलि वेला लाई हैं।
एक करे मस्ती, डांट मिल के खाई। मुझे चोट लगती, आंख उसकी भर आई, जब मैं हंसू, तो उसके चेहरे पर मुस्... एक करे मस्ती, डांट मिल के खाई। मुझे चोट लगती, आंख उसकी भर आई, जब मैं हंसू, त...
है अनोखा देश यह अपना अनोखे हैं जिसके त्यौहार आपस में हैं गुंथे हुए सब जैसे हो कोई मुक्ता हार है अनोखा देश यह अपना अनोखे हैं जिसके त्यौहार आपस में हैं गुंथे हुए सब जैसे हो...
गंगा जल से मृत्यु का भय मिटाती गंगा जल से मृत्यु का भय मिटाती
मां की ममता जैसा हो सासू मां का आंचल और पिता जैसा हो ससुर जी का प्यार। प्यारी बहना की छवि ननंद हो ... मां की ममता जैसा हो सासू मां का आंचल और पिता जैसा हो ससुर जी का प्यार। प्यारी ...
उत्तर में हिमालय पर्वत, और दक्षिण में सागर तथा पूरब में सात बहने और पश्चिम में मरुस्थल... ऐसा है मेर... उत्तर में हिमालय पर्वत, और दक्षिण में सागर तथा पूरब में सात बहने और पश्चिम में म...
इसने पहाड़ दिए, उपयोगी बहुत, जीवन को नव वरदान दिया, इसने पहाड़ दिए, उपयोगी बहुत, जीवन को नव वरदान दिया,
बहाया लहू जो देश के लिए भूल कभी ना जाना तुम। बहाया लहू जो देश के लिए भूल कभी ना जाना तुम।