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Shyam Kunvar Bharti

Abstract

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Shyam Kunvar Bharti

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आफत मे पड़ल जान

आफत मे पड़ल जान

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गरवा मे अटकल मोर परान गोरिया

आफत मे पड़ल अब जान गोरीया।

तोहरो सुरतिया मोबाइल मे निहारीला

बैरी कोरोनवा के बेर बेर धिक्कारीला।

सगरो नगरिया लउके सुनसान गोरिया

आफत मे पड़ल अब जान गोरीया।

कैसे आई घरवा लगल लॉक डाउनवा

पिरितिया के मारल लगे नाही मनवा।

हथवा मेहंदीया भइल नुकसान गोरिया

आफत मे पड़ल अब जान गोरीया।

टूटी लॉकडाउन बिना गाड़ी भागी हम आइब

सिनुर टिकुली काजर तोहरा लागि हम लाइब।

जवनिया जनी करिहा जिआन गोरिया।

आफत मे पड़ल अब जान गोरीया

कोरोना कलवा से बची के तनी रइहा।

घरवे मे रइहा कबों बहरा ना जइहा

कोरोनवा के मचल घमासान गोरिया

आफत मे पड़ल अब जान गोरीया।



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