आओ दीप जलाएं
आओ दीप जलाएं
साथियों आओ उमंग से,
दिलों में ओजोश्वी तरंग लिए।
इस दिवाली नई प्रण लिए,
नास्तिक विचारों को नाश,
करने का कसम लिए।
दिए जले _दिए जले,
दस _बीस _हजारों,
दिए जले _दिए जले।
साथ में मानवता का,
स्नेह और प्यार भी,
खूब खिले _खूब खिले।
गले से गले मिलें,
भाव से भाव को मिलाएं।
जिन्दगी में खुशियों के लिए,
दिए जलाएं _दिए जलाएं।
नेक इरादों और उत्कृष्ट कर्मों का,
भी दिए जलाएं_दिए जलाएं।
मन प्रकाशित _तन प्रकाशित,
सम्पूर्ण जीवन रहे यूं प्रकाशित।
असत्य पर सत्य प्रकाशित हो,
अधर्म पर धर्म प्रकाशित हो।
दरिद्रता पर समीर्धिता प्रकाशित हो,
अज्ञानता पर ज्ञानता प्रकाशित हो।
मानवता धर्म प्रकाशित हो,
बंधुता और भाईचारा प्रकाशित हो।
