आओ आज एक कहानी सुनाता हूँ" - २
आओ आज एक कहानी सुनाता हूँ" - २
आओ आज एक कहानी सुनाता हूँ,
हर उस एक लड़के की जुबानी सुनाता हूँ।।
हुआ उसको भी प्यार फिर ,
दिल हुआ उसका भी फरार फिर,
मन उसका भी मचलने लगा,
वो पागलों सा हर घड़ी हँसने लगा,
वो हर पल को खुबसूरती से जीने लगा।
आओ आज एक कहानी सुनाता हूँ,
हर उस एक लड़के की जुबानी सुनाता हूं,
प्यार में पागल वो लड़का,
जो कभी डरा नहीं किसी भी बात से,
डरने लगा खोने से अब वो ,
बाहर से मजबूत दिखता जो,
अंदर ही अंदर सहमा सहमा सा रहने लगा,
आओ आज एक कहानी सुनाता हूँ,
हर उस एक लड़के की जुबानी सुनाता हूं,
वक्त का पाबंद रहने वाला वो लड़का ,
रोज रात को जगने लगा है,
दिन में भी वो जल्दी उठने लगा है,
खाली बैठे बैठे अपनी दुनिया सजाने लगा है,
सोचकर वो तुमको अब मुस्कराने लगा है।।
आओ आज एक कहानी सुनाता हूँ,
हर उस एक लड़के की जुबानी सुनाता हूं,
प्यार पाकर वो अब तो पूरा है,
एक नए रंग में अब वो दिखने लगा है,
खुद की मर्जी नही अब वो
उनकी मर्जी से चलने लगा है,
आओ आज एक कहानी सुनाता हूँ,
हर उस एक लड़के की जुबानी सुनाता हूं,
वक्त बीतने लगा रिश्ता गहराने लगा है,
प्यार से दूर रहने वाला वो लड़का,
अब प्यार की बाते बस करने लगा है,
कभी हार मानी नहीं, जिसने , जान कर
अब वो हर बार उनसे हारने लगा है,
आओ आज एक कहानी सुनाता हूँ,
हर उस एक लड़के की जुबानी सुनाता हूं,
आओ आज एक कहानी...
लड़के के जबानी
