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Karishma Gupta

Tragedy

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Karishma Gupta

Tragedy

आँसू

आँसू

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इन आँसूओं को पी कर मैंने पहले 

न जाने कितनी दफा खुद को समेटा है,

न जाने क्यों ये आज मुझे फिर से बिखेर रहे है।


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