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priyanka gahalaut

Fantasy Others

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priyanka gahalaut

Fantasy Others

आँखों से

आँखों से

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स्याह, रात के पहलू से रिस कर

बिखरता रहा आँखों से..

फानूस चाँद का झूलता रहा यूँ तेरी

यादों के झोंको से..

रुक रुक के टीसता है ज़ख्म कोई..

आह ना निकले साँसो से..


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