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neha chaudhary

Tragedy

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neha chaudhary

Tragedy

आँखों में कुछ नमी सी हो गयी है

आँखों में कुछ नमी सी हो गयी है

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थी चहल पहल जिंदगी में कभी 

    आज गुमसुम सी हो गयी है

 ना जाने जिंदगी किस ओर मुड़ गयी है

   आँखों में आज फिर

नमी सी हो गयी है

    आँखों में आज फिर 

कुछ नमी सी हो गयी है......

  चिड़ियों की चहचहाहट थी

खुशबु थी गुलाब सी

   अब बन गयी है जिंदगी ये

एक अनसुलझी किताब सी

   मैं लगी हूँ सुलझाने को

कुछ हड़बड़ी सी हो गयी है

  आँखों में आज फिर 

कुछ नमी सी हो गयी है......

   याद आते हैं पुराने दिन

कुछ खट्टे कुछ मीठे

  याद आते हैं अपने

कुछ हँसते कुछ रुठे

   आज मेरे अपनों की

कमी सी हो गयी है

  आँखों में आज फिर 

कुछ नमी सी हो गयी है........

  सुख दुख तो साथी हैं जीवन के

गमों की तो आदत सी हो गयी है

   मैं अब मुस्कराहट ढूंढती हूँ

मुस्कराने की आदत सी हो गयी है

  आँखों में आज फिर 

कुछ नमी सी हो गयी है

   कुछ नमी सी हो गयी है......


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