STORYMIRROR

Sumit sinha

Action Thriller

4  

Sumit sinha

Action Thriller

आन्दोलन

आन्दोलन

1 min
235

किया आन्दोलन बन किसान,

कर गये तिरंगे का अपमान !

गणतंत्र के पावन दिवस पर,

ले लिया गणतंत्र की जान !


कितनी खुशियां थी जन मन में,

जोश भरा था हर कण-कण में।

राष्ट्र ध्वज का किया अपमान,

कैसे कहूं अब इन्हें किसान।


खेतों में चलते हल देखे थे,

देखा धूप में तपता किसान।

कभी नहीं देखा था मैंने,

बनते किसानों को शैतान।


आज देख लिया जगत ने,

देशद्रोही स्वघोषित किसान।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action