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Aditi Vats

Classics Fantasy Inspirational

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Aditi Vats

Classics Fantasy Inspirational

आज़ादी

आज़ादी

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बेड़ियां ना डालें हाथों में मेरी 

दूर ना करना ये कलम मुझसे मेरी 

बस और नही कुछ चाहती हूं 

लिखने की आजादी चाहती हूं।


कुछ गलत लगे तो क्षमा करना 

कुछ अच्छा लगे तो तारीफ करना 

बस ऐसे ही सफर में साथ देना 

बस बेड़ियां ना डालें हाथों में मेरी।


बोलने , सुनने की दी है आजादी मुझे 

अपने विचार रखने की भी दो आजादी मुझे 

अंदाज मेरा जुदा है, कहने से ज्यादा लिखना है 

बस बेड़ियां ना डालें हाथों में मेरी।


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