आजादी का मोल
आजादी का मोल
पिचहत्तर वर्ष हुए मिले
हमें आजादी को
क्या क्या खोया
क्या क्या पाया
हमने पाके आजादी को
अमृत महोत्सव मना रहे
हम आजादी के काल में
वर्षों का संघर्ष हुआ था
तब मिली आजादी थी
लाखों सेनानी हुए बलिदान
तब मिली आजादी थी
आजादी के मोल को समझो
पहचानो कीमत आजादी की
लछमी बाई, तात्या टोपे
मंगल पांडे की वीरता
की कहानी थी
तब पायी आजादी थी
आजाद, भगत सिंह, राजगुरु
खुदी राम बोस
ने खायी फांसी थी
तब जाके पायी आजादी थी
सुभाष की आजाद हिन्द फ़ौज
ने दी अपनी क़ुरबानी थी
तब जाके पायी आजादी थी
नेहरू, गाँधी, पटेल,
लाजपत, गोखले ने
अहिंसा का अस्त्र हाथ ले
लड़ी लड़ाई
तब पायी आजादी थी
लाखों गुमनाम शहीद हुए थे
तब पायी आजादी थी
आजादी पाकर खोया हमने
लाहौर, करांची, रावलपिंडी
विभाजन में लाखों ने दी
अपनी क़ुर्बानी थी
तब पायी आजादी थी
समझें मोल आजादी का
तभी मनेगी सच्ची आजादी
करी तरक्की पाकर आजादी
पहुँचे हम विश्व गुरु की राह पर
करे देश ओर तरक्की बने विश्व गुरु
समझें हम मोल आजादी का
मनाएं अमृत महोत्सव
आजादी का
लहराएं घर घर तिरंगा
हर घर तिरंगा
मनाएं महोत्सव आजादी का
