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Raghav Dixit

Action Classics Inspirational

4  

Raghav Dixit

Action Classics Inspirational

आह्वान प्रतिशोध का

आह्वान प्रतिशोध का

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प्रतिशोधों का मत आह्वान करो अपने अंतर में 

रण बिपाशा अरि समूह की शांत करो रण में 


विश्वास अगर हो बाहुबल पर अरि पीछे हटता है

 रण कौशल के बल पर युद्धों का रुख मुड़ता है 


शत्रु बड़ा नहीं होता है अपने बाहुबल से

 शत्रु बड़ा बनता है रथियों के निर्बल मन से 


इतिहासो ने अभिमन्यु की वीर कथा जो गाई है 

मृत्यु से आंख मिचोली करके उसने परम गति ये पाई है।


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