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Harish Bhatt

Classics

4  

Harish Bhatt

Classics

आदमी

आदमी

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कौन है, लगता तो है

आदमी ही होगा समझ नहीं आता 

आदमी ऐसा क्यों बीत गई सदियां 


आदम से आदमी होने में

पत्थर से अग्नि जलाने में

पत्थरों से आग लगाने में

क्या बस इतना ही सीखा


आदम से आदमी होने तक

पत्थरों से निकाली थी जो आग

वो समा गई सीने में आदमी के

क्या ऐसा ही होता है आदमी।


सीने में आग और आंखों में जलन

क्योंकि आदमी हो गया है पत्थर।


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