Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra
Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra

आभार

आभार

2 mins 459 2 mins 459

भूलूं कैसे मैं तुम्हारा यह उपकार

तुमको है इसके लिए बहुत आभार


जब लोगों ने किया मेरा अपमान

तब लोगों के सामने मेरी कुछ अच्छाइयों से  

दिया तुमने सम्मान

भूलूं कैसे तुम्हारा यह उपकार 

तुमको है इसके लिए बहुत आभार


जब अपनों ने किया मेरा तिरस्कार

तब तुमने अपने प्यार से दिया मुझे बहुत अधिकार

भूलूं कैसे तुम्हारा यह उपकार

तुमको है इसके लिए बहुत आभार


जब लोगों ने मेरी काबिलियत पर किया सवाल

तब तुमने लोगों को मेरी

काबिलियत का दिया ऐसा जवाब 

भूलूं कैसे तुम्हारा यह उपकार

तुमको है इसके लिए बहुत आभार


जब लोगों ने किया मेरे जीवन में अंधेरा

तो तुमने दिया मुझे उम्मीद का उजियारा

भूलूं कैसे मैं तुम्हारा यह उपकार

तुमको है इसके लिए बहुत आभार


जब मैं इस अंधेरे से डर कर सहम गई

तो तेरी बातों ने मुझे निडरता का

सामना करना सिखा गई 

भूलूं कैसे मैं तुम्हारा यह उपकार

तुमको है इसके लिए बहुत आभार


जब हुई माता पिता की कमी मेरे यार

तो तूने दिया माता पिता जैसा प्यार

भूलूं कैसे मैं तुम्हारा यह उपकार

तुमको है इसके लिए बहुत आभार


जब कोई छोटे बड़े

भाई बहनों की कमी मेरे यार

तो तूने किया सब की कमी दूर मेरे यार। 


भूलूं कैसे तुम्हारा यह उपकार

तुमको है इसके लिए बहुत आभार


जब अच्छी पूरे हर फैसले में

किसी की जरूरत थी मेरे यार

तो तूने हर काम भूल कर

दिया साथ मेरे यार

भूलूं कैसे मैं तुम्हारा यह उपकार

तुमको है इसके लिए बहुत आभार।


हर रूप में तूने किया मुझ पर उपकार

आभार जितना भी व्यक्त करूं

मैं उतना कम है यह आभार

भूलूं कैसे मैं तुम्हारा यह उपकार

तुमको है इसके लिए बहुत आभार।


जीवन का अब एक ही है लक्ष्य

मैं भी तुम्हारा उपकार चुका पाऊं

मैं भी तुम्हारे कुछ काम आ पाऊं।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Priyanka Thakur

Similar hindi poem from Drama