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Priyanka Thakur

Fantasy


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Priyanka Thakur

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प्रेम

प्रेम

1 min 472 1 min 472

हर नारी का दूसरा रूप है प्रेम

नारी ने सब कुछ किया प्रेम में समर्पण


नारी जब प्रेम के बारे में ही सोचा लेती है

उसके चेहरे पर ख़ुशियों की लहर उठ जाती है


उसके प्रेम में असीम सागर की गहराई नजर आती है

बिन देखे उसके चेहरे में प्रेम की उमंग जाग जाती है


अकेले बैठ यू प्रेम की अनुभूति में ही मुस्कुरा जाती है

सारी महफ़िल में अपनी प्रेम की खुशबू ही पहचान जाते हैं


प्रेम से हर रोज दीपक की नई रौशनी जग जाती है

प्रेम की बगिया में हर रोज ने फूल खिला जाती है 



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