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Aditi Vats

Romance

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Aditi Vats

Romance

A letter to Life

A letter to Life

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हां ! मुझे कुछ तुमसे है कहना

आज तलक जो कहा ना

हां ! अपना शौहर होने का 

थोड़ा फर्ज़ है निभाना ।


निकाह कर मेरी दुल्हन कहलाई तुम 

मेरे इस मकान को घर बनाई तुम 

तुम्हारे खाने के स्वाद पर कायल मैं

तुम्हारी भीनी खुशबू पर कायल मैं ।


रोजाना सवेरे मुझे गीली जुल्फों से उठाना 

मेरे सिरहाने वो हल्के मिट्ठे की चाय रखना 

मेरी ब्रश से शर्ट तक का ख्याल रखना 

वो तस्सली से शर्ट के बटन लगाना ।


पूजा कर रोजाना माथा मुझसे मिलाना

अपनी मांग में सिन्दूर मुझसे लगवाना 

मेरा पसंदीदा नाश्ता रोजाना लगाना 

मेरे खाने के बाद उसी थाली में तुम्हारा खाना ।


वो साथ में ऑफिस के लिए निकलना 

कभी कभी गाड़ी भी खुद चला लेना 

वो हमेशा शांत और सौम्य रहना 

पूरा दिन आराम से अपने अपने काम में बिताना ।


शाम की चाय की चुस्की साथ लेना 

अपना पूरा दिन इत्मीनान से बयां कर देना 

रात के खाने की तैयारी कर टेबल लगाना 

वो प्यार से सबको खाना खिलाना ।


मीठी मिश्री से दिन का खत्म करना

तुम्हारा मुझे अपनी बाहों में लेकर सोना 

मेरे गुस्से में भी शांत रहना 

मेरी गलती को भी सहना ।


माना मैने कभी कहा नहीं तुमसे 

मगर हां ये सब कहना था तुमसे 

मुझे और मेरे अपनो को मोहब्बत है तुमसे 

ए जाना ! कभी खफा ना होना हमसे।।


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