STORYMIRROR

punam vaishnav

Romance Others

3  

punam vaishnav

Romance Others

जब कुछ यूँ नज़रें मिलीं

जब कुछ यूँ नज़रें मिलीं

1 min
168

पहली पहल में जब कुछ यूँ तुझसे नजरें मिली

यकीं तो ना था कि तू कुछ यूँ मुझे मिल जायेगा

मिलकर भी बिछड़ जायेगा 

खैर अभी तू यादों की मिठास चखते हैं

आंखों ही आंखों में कुछ तेरे मेरे दरमियाँ यूँ बातें होती 

कि इन आँखों से तो जुबां भी जलन लगी

ऊपर से तेरा यह कहना कि

तेरी आँखें ही तेरा दिल हाल बयां कर देती

सारे भेद ये दिल के खोल देती हैं

हमारी नज़र तेरी आँखों पर यूँ ठहरी 

कि हमें और कुछ देख ही नहीं पाये

पहली ही पहल तेरी आँखों के यूँ दीवाने हुए

जैसे हंस दीवाना हो मोती का



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance