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Reena Sao

Romance Classics Fantasy

4  

Reena Sao

Romance Classics Fantasy

2023 में 1999 वाला प्यार

2023 में 1999 वाला प्यार

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21वीं सदी में भी खत वाला पैगाम चाहती हूं

जैल से बाल सेट करने वाला नहीं,

हाथ घुमा उन्हें संवारने वाला चाहती हूं

जो फैशन को छोड़ सादा सा रहे,

अपने दिल में छुपा वो किरदार चाहती हूं,

मैं 2023 में 1999 वाला प्यार चाहती हूं...


जिसके लिए मोहब्बत,

महज़ सिर्फ होटल के रुम तक सीमित न रहे,

जन्मों के बंधन में विश्वास करने वाला चाहती हूं 

नफरत हो या दीवानगी, मोहब्बत हो या बेवफाई,

शिद्दत से करने वाला चाहती हूं 

दिलकश भले ही ना हो,

मुझे समझने वाला चाहती हूं,

मैं 2023 में 1999 वाला प्यार चाहती हूं...


रातभर फ़ोन पर होने वाली बातें नहीं,

गुजरते अक्श का दीदार चाहती हूं

पब में बितने वाली वो रातें नहीं,

मंदिर के प्रांगण की शाम चाहती हूं

आज कल के दिखावे वाला रिश्ता नहीं,

जज़्बात से भरा एहसास चाहती हूं,

मैं 2023 में 1999 वाला प्यार चाहती हूं...


हद से पार बेहद, बेइंतहा, बेतहाशा इश्क़ चाहती हूं

अल्हड़ सा अपने में गुम रहने वाला,

पर गैरों से बेबाक, बेपरवाह, बेलौस शख्स चाहती हूं

स्टारबक्स की कैपचिनो वाला नहीं,

नुक्कड़ की टपरी पर,

कुल्हड़ वाली दो घूंट चाय पीने वाला चाहती हूं

देर रात शोर - शराबे वाली पार्टी करने वाला नहीं,

सुकून से मेहताब निहारने वाला चाहती हूं,

मैं 2023 में 1999 वाला प्यार चाहती हूं...


महंगे रेस्तरां में लज़ीज़ खाने तो क‌ईयों खाते हैं,

मेरी बनाई फीकी चाय भी, जो बड़े प्यार से पिए

वो हमसफ़र हमराही चाहती हूं

दुनिया के महंगे खानों को नकार,

माँ के हाथ का दाल चावल खाने वाला चाहती हूं

वजह बतलाने पर ही समझने वाला नहीं,

आंखों से दिल का हाल समझने वाला चाहती हूं,

मैं 2023 में 1999 वाला प्यार चाहती हूं...


कॉल पर बात, विडियो कॉल तो सभी करते हैं,

मैं अरसे इंतजार के बाद की मुलाकात चाहती हूं

दिल तो हर कोई दे देता है,

किसी न किसी को इस जहां में

उसकी नज़रों में मैं अपना सम्मान चाहती हूं

अपने लड़खड़ाते कदमों में,

अपने हाथों में उसका सांवला हाथ चाहती हूं,

मैं 2023 में 1999 वाला प्यार चाहती हूं...


गुफ्तगू के लिए अल्फा़ज़ों का साथ नहीं,

नज़रों से बयां होने वाला हाल चाहती हूं

दुनिया - जहाँ के नेक आदतें ना सही उसमें,

अपने वालिद का अक्श चाहती हूं

हकीकत में ना सही,

ख्यालों में उसके स्पर्श का एहसास चाहती हूं

लकीरों में ना हो उसका मिलना,

उसकी मौजूदगी का एहसास चाहती हूं,

मुस्तकबिल में ना हो उसका साथ सही,

अपनी अधूरी मोहब्बत की मुकम्मल किताब चाहती हूं,

मैं 2023 में 1999 वाला प्यार चाहती हूं...

मैं 2023 में 1999 वाला प्यार चाहती हूं....!!


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