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Priyanka Gupta

Abstract


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Priyanka Gupta

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2020

2020

1 min 170 1 min 170

छूत सब अछूत है, चेहरे सब नकाब है ,

देश की व्यवस्था अब मदस्सरो के हाथ है।

गर्मियों के मौसमो में बाढ़ जैसी टीस है,

तू क्या अजीब चीज़ है ? मैं दो हज़ार बीस है।


ना पढ़ रहे ना बढ़ रहे, घर से चल रहा है घर,

यातायात ठप्प है, क्या गाँव पहुँचाते दो पर ?

शादी हो या शव - दहन, वो ५ इंच स्क्रीन है ,

तू क्या अजीब चीज़ है? मैं दो हज़ार बीस है।


अदृश्य कुछ कणो ने जब पलट दी दुनिया सारी,

इंसान छुप के बैठा है , धरती बनी सफारी।

चीन के भजन के बीच टिड्डी गाते गीत है ,

तू क्या अजीब चीज़ है ? मैं दो हज़ार बीस है।


रसोई, झाडू- कटका आत्मनिर्भर है बना रहा ,

दीप बाती, थाल ठोक तसल्ली देता जा रहा कि

ट्रम्प को सुधारने की भी ना वैक्सीन है ,

तू क्या अजीब चीज़ है ? मैं दो हज़ार बीस है।



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