STORYMIRROR

Anjana Singh (Anju)

Abstract

4  

Anjana Singh (Anju)

Abstract

ये साल भी गुजर चला

ये साल भी गुजर चला

1 min
293

लेकर कुछ अच्छी 

कुछ खराब यादों संग

जाने कितने ही शिकवे गिले

सब छोड़ चला

यह साल भी गुजर चला


इस साल में जो हमने 

संजोए थे जो ख्वाब

कुछ ख्वाब अधूरा और

कुछ को मुकम्मल कर चला

यह साल भी गुजर चला


कुछ नए चेहरे मिले

कुछ पुराने चेहरे ढले

वक्त के साथ हम आगे निकले

वर्तमान फिर अतीत बन ढला

यह साल भी गुजर चला


कहीं पूरी रौशनी बिखेरी

कहीं अंधकार कर चला

सुख दुख का जामा पहनाकर

 करके‌ जीवन में ठहराव

यह साल भी गुजर चला


कभी हंसाया कभी रुलाया

मन को इसने खूब भरमाया

कभी बुरा कभी हसीं ख्वाब दिखाया

पीछे छोड़ आगे चलना सिखाकर

यह साल भी गुजर चला


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract