STORYMIRROR

Anita Chandrakar

Abstract

4  

Anita Chandrakar

Abstract

प्रेम की रीत

प्रेम की रीत

1 min
393

 एहसास गणित के सूत्र नहीं, ये तो होते अपरिमित।

सीमाओं में बंधकर रह न पाया, अद्भुत प्रेम की रीत।


जो उलझे रहे भाग गुणन में, उसने खोई ख़ुशियाँ।

जीवन का आनंद उसी ने पाया, जिसको मिला मनमीत।


एहसास के मोती अनमोल होते, रखना इसे सम्हाल के।

बजती स्वर लहरियाँ हवाओं में, घुल जाता संगीत।


सूत्र सुलझाते कई सवाल, पर भाव इनसे कोसों दूर।

प्रेम की भाषा सबसे मीठी, जीने की कला सिखाती प्रीत।


एहसासों की डोरी में बँधकर, रिश्ते सदा महकते है।

अहम भाव को त्यागकर, जीवन में रहें विनीत।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract