STORYMIRROR

Acharya Neeru Sharma(Pahadan)

Abstract Inspirational

4  

Acharya Neeru Sharma(Pahadan)

Abstract Inspirational

पंख

पंख

1 min
350

है नन्हे से

पंख उसके

पर हौसलों में

दम बहुत है।

ना समझो

इन्हें कम किसी से

आसमान को

छूने की चाह

बहुत है।

नहीं कमतर हैं

किसी से

क्योंकि

उस क्षितिज को

पाने चले

उड़ चले हैं ये।

ऐ मानव !

लेकर सीख

तुम भी इनसे

छोड़ आलस

बढ़ चलो अब

मेहनत के पंखों पर

होकर सवार

अपने लक्ष्य की ओर।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract