STORYMIRROR

Harsh Singh

Romance

3  

Harsh Singh

Romance

आप ही आप हैं ।

आप ही आप हैं ।

1 min
319

मुझे हर जगह दिखाई दे रही

आप ही आप हैं

मुझ में बसी सिर्फ आप ही आप हैं

मुझे गहरी नींद में सुला रही

आप ही आप हैं

मुझे बेचैन कर रही आप ही आप हैं

मुझे अपना ख़्वाब दिखा रही

आप ही आप हैं


मुझे अपना दीवाना बना रही

आप ही आप हैं

मुझे खुश रखने की कोशिश कर रही

आप ही आप हैं

मुझे पतझड़ में सावन का नज़ारा

दिखा रही आप ही आप हैं

मुझे हमेशा तैयार रहने की शक्ति दे रही

आप ही आप हैं

मेरी ज़िन्दगी में मुझसे ज्यादा जी रही

आप ही आप हैं ।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance