यही तो है जिंदगी
यही तो है जिंदगी
गमों को भूलकर,
तुमने हंसना सीखा है,
हां यही तो है जिंदगी
जो तुमने जीना सीखा है
मुस्कुराकर बना लेते हो
संघर्ष को भी अपना साथी !
ए दोस्त !
तुमने यह हुनर बहुत खूब सीखा है
कांटे भी हैं,फूल भी है कई, राहों पर
कांटो पर चलना,
चलकर फूलों सा बिखरना भी तुमने
क्या खूब सीखा है !
चाहते अधूरी ही सही,
मन्नतें ना पूरी ही सही,
इस अधूरेपन में भी जिंदगी को जिया
और पूरा जिया है
सच में ऐ दोस्त !
तुमने जीना सीखा है
और क्या खूब जिया है
हम तो राही हैं अनजान सफर के
चलो तुमसे ए दोस्त !
इस सफर का मकसद भी सीख लिया है!!
रुकना ना तुम, थकना ना तुम,
दूर तुम्हें बहुत दूर जाना है
अपनों के खातिर अपना घर सजाना है !
हमें पता है हर संघर्ष में
तुम्हारे साथ है तुम्हारे "कान्हा"
चलो कृष्णदासी !अब क्या कर लेगा,
तुम्हारा ये जमाना !
तुमने तो हर बाधा हर लिया है
"कान्हा"को जब से अपना कर लिया है
देखो तो हर तरफ दोस्त ही दोस्त है तुम्हारे !
दुश्मनों को भी इस कदर
तुमने माफ कर दिया है !
मोह,माया से उठकर तुमने
प्रेम का ऐसा साथ दिया है
अपने तो अपने हैं
गैरों पर भी सब कुछ वार दिया है !
हां यही तो है जिंदगी
जो तुमने जीना सीखा है !
जानते हैं बहुत कुछ
सीखा है तुमने जिंदगी से
चलो यह भी अब जान लो-
"विभा"तुम हो वह रोशनी की किरण
जिसके आने से "अली"भवरे ने भी
उड़ना सीख लिया है।
