STORYMIRROR

Javed Ali

Abstract

4  

Javed Ali

Abstract

इंसान कहां है?

इंसान कहां है?

1 min
1.5K

देश है, 

राज्य है,

जिला है,

समाज है,

लोग हैं,

नर है,

नारी हैं,

इंसान कहां है?

धर्म है, 

कर्म है,

कांड है,

गुण है,

दोष है,

इंसान कहां है?

मंदिर है,

मस्जिद है,

गिरजाघर है,

गुरुद्वारे हैं,

इंसान कहां है?

अमीर है,

गरीब है, 

भ्रष्ट है,

दुष्ट है,

इंसान कहां है?

राजनेता है,

किसान है,

विद्यार्थी हैं,

जवान है,

इंसान कहां है ?

ज्ञानी है,

अज्ञानी है,

शिक्षक है,

कर्मचारी है,

व्यापारी है,

इंसान कहां है?

अपना है,

पराया है,

मित्र है,

शत्रु है,

इंसान कहां है?

इंसान जहां है -

वहां देश है,

प्रेम है,

सौहार्द है,

शांति है, 

सुख है, 

संसार है...

इंसान जहां है-

पूजा है,

अर्चना है,

इबादत है,

सम्मान है...

इंसान जहां है-

विकास है, 

खोज है,

सोच है,

सृष्टि है....

इंसान जहां है- 

सब समान है,

सब का गुणगान है,

जय किसान है,

जय जवान है!!



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract