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मिली साहा

Romance

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मिली साहा

Romance

तेरे आने की उम्मीद

तेरे आने की उम्मीद

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एक तूफ़ान आया और हम पल में बिछड़ गए,

तुम राह मे बढ़ गए आगे हम वहीं खड़े रह गए,

तूफान चला गया पर खड़े हैं उसी जगह कब से,

कर रहे अब भी इंतजार तुम्हारा एक आस लिए।


ना तुमने कुछ कहा और ना हम कुछ कह सके,

वक्त ने मौका ही कहां दिया कि कुछ समझ सकें,

लम्हा लम्हा बीत रहा है वक्त पर आंखे ठहर गईं,

तेरी यादों को हम खुद से कभी जुदा ना कर सके।


जो पलकें बंद करूं तो तस्वीर तेरी ही दिखती है,

तेरे आने की उम्मीद में ये आंखे इंतजार करती हैं,

अक्सर कोई धुंधली सी परछाई आवाज देती मुझे,

जिससे तेरे आने की उम्मीद और भी बढ़ जाती है।


जिस जगह बिछड़े वो जगह छोड़ने से मैं डरता हूं,

कहीं तू आए और मैं न मिलूं इसलिए रुक जाता हूं,

उसी जगह उन राहों में तेरी यादों के दीए जलाकर,

फिर से तेरी वही मुस्कुराहट का मैं इंतजार करता हूं।


अब तक ठहरी है मेरी जिंदगी उसी जगह वक्त पर,

उम्मीद के शोलों पर चल रहा जाने किस मोड़ पर,

यकीन है खुदा पर हमारी मोहब्बत की होगी जीत,

मोहब्बत के चिराग रोशन होंगे यही इसी जगह पर।


फिर वही मोहब्बत की खुशबू हवाओं में होगी ज़रूर,

तुम्हें सोचता ही रहूं हर पल जाने कैसा है यह फितूर,

खबर तेरे आने की अक्सर पूछता उमड़ते बादलों से,

यकीन है मोहब्बत पर हमारा मिलना तो होगा ज़रूर।



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