Quotes New

Audio

Forum

Read

Contests

Language


Write

Sign in
Wohoo!,
Dear user,
रोज़ बेचते ईमान देखा
रोज़ बेचते ईमान देखा
★★★★★

© आकिब जावेद

Drama

1 Minutes   7.2K    13


Content Ranking

हौसले बुलंद लिए, करते जतन देखा

रूठों को मनाने का लोगों में फ़न देखा


कमज़र्फ लोगों का रोज़ मरता ईमान

थोड़े से लालच में बेचते ईमान देखा


मन को अपने ऐसे सब तरफ घुमाते

चाँद तारों से घिरा अपना गगन देखा


सरहद में जंग से जूझते हमारे सैनिक

नेताओं को सियासत करते वतन देखा


नौजवानों के यहाँ भटकते कदम देखा

बुरी संगतों में लगते यहाँ लगन देखा


हैरत में हैं अब यहाँ ये देखकर 'आकिब'

अपनी तरक्की देख दूसरे की जलन देखा।।



Country Gazal Politician

Rate the content


Originality
Flow
Language
Cover design

Comments

Post

Some text some message..