STORYMIRROR

Sanjana Kamat

Classics Inspirational

3  

Sanjana Kamat

Classics Inspirational

स्कंदमाता

स्कंदमाता

1 min
210

शारदीय नवरात्री

आराधना स्कंदमाता

दिन ललित पंचमी

कार्तिकेय पुत्र माता


स्कंद बाळ घेई ओटी

चतृर्भुज महेश्वरी

पद्मासनी विराजित

नाश असुरांचा करी


शुभ्र कांती अलौकिक

सिंहासनी इच्छापूर्ती

नारी शक्तीचे सामर्थ्य

देई उर्जा दिव्यशक्ती


शौर्य कर्तृत्व दाखवी

मोक्षदायी अधिष्ठात्री

पुत्र प्राप्ती फलदायी

यशस्विनी विद्यादात्री


महाकाव्य कालीदास

विद्वानांची काव्यस्फुर्ती

देश कल्याणा धावशी

करू सदैव आरती


Rate this content
Log in

Similar marathi poem from Classics