थैंक्स गिविंग
थैंक्स गिविंग
आज एक प्रोग्राम में जाना हुआ। मौका था थैंक्स गिविंग का। ऑफिस की एक कलीग रिटायर हो रही थी... उन्होंने बड़े ही मन से बुलाया था सारे काम छोड़कर मैं उनके उस थैंक्स गिविंग वाले प्रोग्राम में शरीक हुयी।
वहाँ बहुत से लोग आये थे। मैं इतने सारे लोगों को इस वीक एन्ड की छुट्टी पर आये देखकर हैरान थी। उनके परिवार के लोगों के अलावा उनके वे सारे कलीग्स, स्टॉफ जिन्होंने उनके साथ काम किया था वे सारे लोग आये थे। इस बड़े शहर में जहाँ लिफ्ट में मिलने पर ही हाय हेलो वाली बात करते हो वहाँ उनके पुराने कलीग्स का इस वीक एन्ड की छुट्टी पर आना मायने रखता था।
परिवार के लोगों की मौजूदगी में उन्होंने अपनी खास शैली में प्रोग्राम शुरू किया। अपने बारें में बताते हुए उन सभी लोगों को धन्यवाद देना शुरू किया। जिस जिस इंस्टिट्यूट में उन्होंने काम किया वहाँ के भी लोग आये हुए थे। उन सभी गेस्ट्स को स्टेज पर बुलाकर बेहद अपनाइयत से उनको शुक्रिया कहा।
सब लोगों ने उनके बारें में बहुत सी अच्छी बातें कही। सबने उनके साथ काम करते हुए उनको आये अनुभवों के अलावा उन्हें जिंदगी में आगे बढ़ने के लिए इंस्पायर करने के उनके कोशिश का भी जिक्र था..
ऐसा नही की मैं किसी की रिटायरमेन्ट पार्टी में पहली बार गयी लेकिन रिटायरमेंट के पहले उस थैंक्स गिविंग वाले प्रोग्राम को देखते हुए मुझे अचरज हो रहा था। क्योंकि यहाँ रिटायरमेंट पर भाषण भर देने की कोई रस्म अदायगी नही थी बल्कि वहाँ वे सारी बातें 'दिल से' हो रही थी।
मेरा उनके साथ एक अलग तरह का प्रोफेशनल रिलेशन रहा है लेकिन आज इस थैंक्स गिविंग वाले प्रोग्राम के बाद उनकी पर्सनलिटी के और भी नए आयाम दिखे। आज उनके परिवार के लोगों ने उनकी कुछ बातों का जिक्र किया जो उनको भीड़ से अलग बनाती थी ....
वापसी में मैं एक अलग तरह अनुभव लिए घर आयी।प्रोफेशनल रिलेशन में हम एक दूसरे को कहाँ जान पाते है?
