शैतान [16 जून]
शैतान [16 जून]
मेरी प्यारी संगिनी
आज तुमसे साझा करती हूँ, कुछ ऐसी बातें जो काफी महत्वपूर्ण है हम सभी के लिए।
जानती हो संगिनी, हम सभी के अंदर भगवान और शैतान दोनों विराजमान हैं, यह हम पर निर्भर करता है कि, किसको किस पर हावी होने दें, अगर शैतान भगवान पर हावी हो जाएगा, तो हम बुरे कार्यों से लिप्त हो जाएंगे।
परंतु अगर अपने अंदर के भगवान को हम जीवित रख पाएं, तो हम सही मायने में इंसान कहलाएंगे।
आज का "जीवन संदेश"
अपने अंदर के भगवान को हमेशा जीवित रखें क्योंकि यह हमारे इंसानियत का परिचायक है, हैवानियत हमें हैवान बना देता है।
आज के लिए बस इतना ही, मिलते हैं कल फिर से, मेरी "प्यारी संगिनी।"
