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Sonu Gupta

Horror

3  

Sonu Gupta

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शादी की रात: पिशाचों का दरबार

शादी की रात: पिशाचों का दरबार

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यह कहानी एक छोटे से गाँव में बसे उस किले की है, जो वर्षों से वीरान पड़ा था। गाँव के लोग मानते थे कि यह किला कभी पिशाचों, प्रेतों, और चुड़ैलों का अड्डा था। वर्षों से कोई इस किले के पास नहीं गया था। लेकिन फिर भी, अजीब सी सरसराहटें और काले सायों की हलचलें रात को गाँव वालों को डराने आती रहती थीं। किले का नाम था "कालरात्रि महल" – नाम ही इतना भयानक था कि लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते।


### एक रहस्यमयी निमंत्रण


गाँव में अमावस की रात थी, और चारों तरफ एक गहरी ख़ामोशी छाई हुई थी। इसी बीच गाँव के हर घर में एक निमंत्रण पत्र पहुँचा। यह कोई साधारण निमंत्रण नहीं था, बल्कि काले कपड़े में लिपटा हुआ एक पत्र था, जिसमें लाल रंग से लिखा था:


> "आप सभी को आमंत्रित किया जाता है एक भव्य शादी समारोह में जो ‘कालरात्रि महल’ में आयोजित होगा। कृपया रात्रि 12 बजे किले में पहुँचे। यह रात सिर्फ चुने हुए लोगों के लिए है।"


इस निमंत्रण को देख गाँव के लोग दहशत में आ गए। लेकिन कुछ लोगों का मानना था कि इस निमंत्रण में कोई रहस्य है। गाँव के बुजुर्गों ने सबको इस समारोह से दूर रहने की चेतावनी दी। परंतु कुछ युवाओं ने इसे एक मजाक समझा और किले की तरफ जाने का निर्णय किया।


### किले का अद्भुत दृश्य


आधी रात को जब चारों तरफ अंधेरा पसरा हुआ था, पाँच युवक किले के भीतर दाखिल हुए। जैसे ही वे अंदर पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि पूरा किला किसी भव्य समारोह की तैयारी में चमक रहा था। दीवारों पर पुराने लालटेन जल रहे थे, और एक बड़े दरबार के बीचों-बीच एक विशाल मंच सजा हुआ था।


किले के चारों ओर तरह-तरह के अजीब जीव-जंतु, पिशाच, चुड़ैलें और प्रेत इकट्ठा हो रहे थे। सबने काले वस्त्र पहने थे और उनकी आँखें लाल चमक रही थीं। युवकों ने देखा कि किले के एक कोने में बुफे की तरह एक लंबी मेज थी, जहाँ काली रंग की शराब और खून भरी प्यालियाँ रखी थीं। उस महल में अजीब सी महक थी, जैसे कोई तंत्र-मंत्र का आयोजन हो रहा हो।


### रहस्यमयी दुल्हन और दूल्हा


अचानक चारों ओर मौन छा गया। चारों तरफ से एक अजीब सी आवाजें गूँजने लगीं और दो रहस्यमयी आकृतियाँ मंच पर आकर खड़ी हो गईं। वे इस भुतिया शादी के दूल्हा और दुल्हन थे। दुल्हन ने एक काला, चमकता हुआ लहंगा पहना था और उसके बाल हवा में झूल रहे थे। उसकी आँखें गहरे लाल रंग की थीं, और चेहरा मानो सैकड़ों वर्षों से सोया हो। दूल्हे की शक्ल एक पिशाच की थी – उसकी लंबी नुकीली दाँतें और नीली आँखें किसी भी इंसान का खून जमा देने के लिए काफी थीं।


वह दूल्हा और दुल्हन कोई और नहीं बल्कि *अर्धनिशा* और *कालारुद्र* थे। यह दोनों अजेय पिशाच थे जिनकी शादी सदियों पहले टल गई थी, और यह रात उनके मिलन की रात थी। दोनों ने हाथ में एक खून भरा प्याला उठाया और सबके सामने कसम खाई कि वे आज से एक-दूसरे के अभिशाप के साथी बनेंगे।


### एक अनहोनी का आह्वान


यह शादी केवल एक सामान्य समारोह नहीं था। जैसे ही वे प्याला पीने लगे, किले में अचानक से बिजली कड़कने लगी और अंधेरा और गहराता गया। तभी किसी ने जोर से चिल्लाकर कहा, “कौन इंसान इस किले में आया है?” यह आवाज इतनी भारी और डरावनी थी कि युवकों के रोंगटे खड़े हो गए।


अब युवकों को समझ आ गया था कि यह एक भुतिया शादी थी और उन्होंने बहुत बड़ी गलती कर दी थी। उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन किले के दरवाजे अपने आप बंद हो गए। उनके सामने पिशाचों का झुंड खड़ा हो गया, जो उन पर भूखी नजरों से घूर रहे थे। अचानक से दुल्हन *अर्धनिशा* ने अपनी लाल आँखों से उनकी ओर देखा और कहा, “तुम सब यहाँ हमारी भेंट चढ़ने आए हो!”


### डर और भागने की कोशिश


युवकों ने डर से कांपते हुए मदद की गुहार लगाई, लेकिन उस महल में इंसान की आवाज कोई सुनने वाला नहीं था। हर तरफ हंसी और चीख-पुकार की आवाजें आने लगीं। किले के प्रेत, चुड़ैलें और पिशाच अब युवकों के पास आने लगे। वे उनकी ओर बढ़ने लगे और युवकों के शरीर से जीवन की हर बूंद को निचोड़ने की इच्छा उनकी आँखों में स्पष्ट दिखाई दे रही थी।


एक-एक करके पिशाच उन युवकों को पकड़ने लगे। युवकों ने भागने की पूरी कोशिश की, लेकिन एक-एक करके सभी को पिशाचों ने पकड़ लिया और उन्हें कालरात्रि महल की दीवारों में कैद कर दिया। 


### भूतिया शादी का अंत


जब सुबह हुई, गाँव वाले देख रहे थे कि किले के चारों ओर सन्नाटा था। कोई युवक वापस नहीं लौटा। उस दिन के बाद गाँव के लोगों ने समझ लिया कि यह किला अब भी पिशाचों और प्रेतों का अड्डा है। हर अमावस की रात को वहाँ से अजीब चीखें सुनाई देती थीं, और किले के भीतर एक बार फिर वही निमंत्रण का सिलसिला जारी रहता था। 


कहते हैं कि *अर्धनिशा* और *कालारुद्र* की शादी आज भी चल रही है। हर साल अमावस की रात को उनकी शादी का समारोह होता है, और जो भी इंसान उस रात किले में प्रवेश करता है, वह हमेशा के लिए उनका हिस्सा बन जाता है।


### कहानी का सबक


इस कहानी से एक बात तो स्पष्ट है कि हमें उन जगहों से दूर रहना चाहिए जहाँ रहस्यमयी शक्तियाँ और अदृश्य शक्तियाँ रहती हैं। कालरात्रि महल जैसे स्थानों पर जाना हमारी हिम्मत को नहीं, बल्कि मूर्खता को दर्शाता है। 


कहते हैं, जो इस कहानी को सुने, वह कभी अमावस की रात को उस किले की ओर देखने की भी हिम्मत न करे – वरना वह भी *अर्धनिशा* और *कालारुद्र* की कहानी का हिस्सा बन जाएगा।


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