Vijaykant Verma

Inspirational


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Vijaykant Verma

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रोटी

रोटी

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रोटी, जिससे पूरी दुनियां की भूख मिटती है, कितने ही इंसानों, जीव जंतुओं को ज़िंदगी मिलती है, और जिस रोटी के कारण कितने ही लोग चोरी, डकैती, जेबकटी जैसे अपराध के दलदल में फंस जाते हैं, आज उसी रोटी को जब पप्पू ने अपनी थाली में छोड़ दिया, तो मम्मी ने गुस्से में कहा~"ये क्या बेटा! तुमने सारी रोटियां क्यों नहीं खाई? क्या तुम्हें इन रोटियों की कीमत नहीं पता?"

इस एक रोटी के लिये किसान को कितनी मेहनत करना पड़ता है! कितना पसीना बहाता है वो, कितना कष्ट उठाता है वो, तब जाकर ये रोटी हमारी थाली तक पहुंचती है! और तुमने पूरी एक रोटी छोड़ दिया थाली में..! सीधी तरह खाओ इसे भी!"

"पर मां, मेरा पेट भर गया है! और फिर मेरे मना करने के बाद भी तुमने एक रोटी ज़्यादा मेरे को दे दी..!" पप्पू ने भोलेपन से कहा।

"ठीक है, ठीक है, पर ज़्यादा नखड़ा न कर, और फटाफट इस रोटी को भी खतम कर!" मां ने जोर देकर कहा, पर पप्पू तब तक उठ चुका था!

"ओह, कितना ढीठ है तू! आ, मैं तुझे इस एक रोटी की कीमत दिखाती हूं, की कितनी मूल्यवान है ये!" मां ने कहा और रोटी को लेकर बाहर चबूतरे पर फेक दिया।

चबूतरे पर रोटी को देखते दो कुत्ते उस पर झपट पड़े, और उसे नोच, नोच कर खाने लगे! रोटी खा कर बड़े प्यार से वो अपनी दुम हिलाने लगे!

" देखा बेटा, इस एक रोटी की कीमत? और तूने इस रोटी को यूं ही थाली में फेंक दिया" मां ने बड़े प्यार से उसे समझाते हुए कहा!

"हां मां, तू सच कहती है, कि रोटी बहुत कीमती होती है, पर इस रोटी को खाकर जब ये कुत्ते प्यार से अपनी दुम हिलाते हैं, तो मुझे बहुत अच्छा लगता है मां" पप्पू ने एक कुत्ते की दुम को छूते हुए कहा।

पप्पू के इस जवाब को सुनकर मां सन्न रह गई, और प्यार से उसे अपने सीने से लगा लिया!


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