राधा कृष्ण
राधा कृष्ण
राधा:/ जीवन के आधारित पर भविष्य साकार होगा दया,तृष्णा,निधि,और करुणा का यह अतुलनीय सार्थक मेरे कृष्ण से होगा।
कृष्ण:/बहाव के उस क्षण में राधिका को बहना होगा जिस पर निर्भित हैं गौरव जीवन का उस पर दृष्टि का अवलोकन करना होगा।
राधा:/ जीत की हर आस मुझें तुझसे ही है मोहन मेरे हर सुबह दोपहर शाम रात का मेरा आधार है।
कृष्ण:/ अप्रतिम है तू भविष्य में मेरे गौरवशाली गौरान्वित है राधा मेरा जीवन तेरे आधार पर निर्भय है राधा।
राधा:/ संघर्ष मेरा अतुलनीय विश्वास की और भव्यता का तेरे निर्भय कान्हा चलती रहूँ साथ तेरे मैं इस जीवन में अकल्पनीय कान्हा।
कृष्ण:/रहना तू मेरे साथ हमेशा मांग लूं मैं हाथ तेरा मोहना।

