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kacha jagdish

Romance

3  

kacha jagdish

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प्रेम और गीत

प्रेम और गीत

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प्रेम और गीत अपने लिए भाड़े का नया मकान ढूंढ रहे थे, घर ढूंढते ढूंढते वो शहर के कई इलाकों में चक्कर लगा चुके थे। गीत प्रेम से बोली " और कितना घूमेंगे? " प्रेम उसके सामने मुस्कुरा कर बोला थक गई हो तो थोड़ा आराम कर लेते हैं। गीत बोली हम लोग दोपहर के 2:30 बजे से घर ढूंढने निकले हैं अभी तक नहीं मिला। प्रेम ने तुरंत जवाब दिया मिलाता तो सही तुमने कहां पसंद किया। गीत ने जवाब दिया तुम वो बात रहने दो और दोनों आगे बढ़ गए।


    चलते चलते वह दोनों एक गली में मुड़ गए, उसका रास्ता बहुत सकरा था अंदर घुसते ही प्रेम बोला " चलो कहीं और ढूंढते हैं। " यहां आई चुके तो चलो देख लेते हैं गीत जवाब देते हुए आगे बढ़ गई। वहां रास्ते के आखिर में एक छोटा सा घर था जो भाड़े से देना था। उसे देखते ही प्रेम का मुंह सिकुड़ गया और बोला यह नहीं चाहिए चलो और कहीं देखते हैं। लेकिन गीत नहीं मानी और घर देखने को आगे बढ़ गई। 2 माले का घर था, दूसरा माला भाड़े पर देना था। पहले माले पर खुद घर मालिक रहता था। प्रेम ने फिर गीत को रोकते हुए कहां "चलो चलते हैं।" गीत इस बार भी नहीं मानी और घर मालिक से बात करने लगी और घर देखने के लिए उसके साथ चली गई। प्रेम को वह घर पसंद नहीं आया लेकिन गीत घर को देखकर कुछ सोचने लगी। यह घर जहां पहले रहते थे उस घर के मुकाबले में कुछ नहीं लेकिन जितने घर देखें उस में से सबसे अच्छा ही है, गीत यह सब सोच रही थी कि प्रेम ने घर मालिक को पानी के बारे में पूछा तो घर मालिक बोला बाकी सब चीजों के लिए टंकी है लेकिन पीने के लिए नीचे से ही पानी भरना पड़ेगा।


      यह सुनते ही प्रेम के मन में ढेर सारे विचार आने लगे और उन सब में एक ही बात थी कि आखिरकार मां को क्या जवाब दूंगा। मां को छोड़ो गीत से क्या कहूंगा।" गीत " जो इतनी सुलझी हुई शांत और मिलनसार है, जिसने आज तक मुझे एक भी शिकायत का मौका नहीं दिया। उसे मैं यहां कैसे रख सकता हूं, यह मोहल्ला भी उसके स्टैंडर्ड के हिसाब से नहीं है, क्योंकि वह एक अच्छे खानदान से आती है और साथ में पैसे वाले भी। इतना सब कुछ होने के बावजूद भी मुझे उसने शादी के लिए "हां" बोल दिया, हालांकि हमारी अरेंज मैरिज है। लेकिन वह चाहती तो मुझसे भी अच्छे लड़के से शादी कर सकती थी, उसमें वह हर बातें जो एक अच्छी लड़की में होनी चाहिए।" कैसे भूल सकता हूं वह दिन जब मेरी मां ने उसके परिवार से मेरी शादी की बात की थी और उसने बिना सोचे हां बोल दी थी। और मेरे पूछने पर कहा था मैं तुमसे नहीं तुम्हारी मां से प्यार करती हूं, क्योंकि वह मेरी बहुत अच्छी सहेली है और मुस्कुराते हुए वहां से चली गई। उसने हर कदम पर मेरा साथ दिया है और जितना हो सके उतने से ज्यादा दिया है।


   गीत पूरे घर का मुआयना कर रही थी घर के बाहर एक सीढ़ी थी जो टेरेस को जा रही थी और वह टेरेस देखने पहुंची। टेरेस को अच्छे से देखने के बाद उसने मन बना लिया कि यही घर लेना है और सोचने लगी माना कि यह घर उस घर के मुकाबले कुछ नहीं जो उसकी कंपनी द्वारा दिया गया था लेकिन वह कंपनी अब छूट चुकी है, नई जॉब लग चुकी है लेकिन घर खुद से ढूंढने को कहा गया है। मुस्कुराते हुए मन ही मन बोली " यहां आने का एक ही तो कारण था कि वह जॉब के साथ कुछ अपना भी कर रहे हैं जिससे ज्यादा पैसे आते थे जिससे वह अपने गांव का घर वापस नया बना सके और जो काम कर रहे हैं उसके लिए यह जगह एकदम सही है क्योंकि यहां खुलापन भी है और शांति भी" और उसकी ओर देखते हुए मन में बोली "पहले तुम पसंद थे लेकिन इस बात के बाद तुमसे प्यार हो गया" प्रेम को इशारा करते हुए घर पक्का करने के लिए कहा। प्रेम मानने को तैयार ही नहीं था लेकिन उसने जबरदस्ती करते हुए घर भाड़े पर रख लिया। 


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