STORYMIRROR

V. Aaradhyaa

Romance Classics Inspirational

4  

V. Aaradhyaa

Romance Classics Inspirational

नदियां सागर से मिलकर ही तो

नदियां सागर से मिलकर ही तो

1 min
323

" कितना कुछ बदल गया था इन सालों में....!"

सागर बुदबुदाया।

आज तीन सालों बाद सागर घर आया था।घर में सब बहुत खुश थे। शाम को ज़ब सागर टहलने निकला तो अचानक नज़र पड़ोस वाले घर के छत पर गई तो अपनी बचपन की दोस्त नदिया पर गई।

ना जाने क्या था उन निगाहों में कि....

 थोड़ी देर को निगाहें अटक सी गईं। बिना कुछ बोले इन तीन सालों के बाद भी नदिया की निगाहें बहुत कुछ कह रही थीं

अगले दिन ज़ब माँ सागर के सामने रिश्ते के लिए आई लड़कियों की फोटो दिखाने की कोशिश कर रही थी तभी खीर की कटोरी लेकर नदिया आई और उसकी वही नज़र...

जिसमें सालों का इंतजार छुपा हुआ था और बेशुमार प्यार भी।

सागर ने बड़े ही प्यार से माँ को कहा,

"माँ, सागर से नदिया को मिलने का वक़्त आ गया है !"

इतना सुनते ही नदिया शरमाकर भाग गई।और इस बार की पहली लगन में नदिया सागर से मिल गई। दोनों की शादी एक पावन परिणय थी।

नदिया का इंतजार सागर से मिलकर पूरा हो गया।

 आखिर...नदियां सागर से मिलकर ही तो पूरी होती हैं। सागर में समाकर ही तो नदियां अपना सफर पूरा करती हैं।

सागर की गहराई और नदी की चंचलता मिलकर ही तो.....!


Rate this content
Log in

Similar hindi story from Romance