मित्र
मित्र
रिश्तों की फ़ेहरिस्त में
लिखा होता है जो एक नाम।
रिश्तेदारों की फ़ेहरिस्त से
जुड़ा होता है जो एक नाम।
वो दोस्त है वो मित्र है।
ज़िन्दगी को महका देता
ये वो बेशकीमती ईत्र है।
क़िस्मत वालों को ही मिलती है
ये अनमोल सौगात ऊपरवाले की।
ज़िन्दगी संवर जाती है फिर
किस्मत को रोने वालों की।
एक सच्चे मित्र या दोस्त का होना,
जिन्दगी में अपनी
मायने रखता है बड़ा।
दोस्त हर मुश्किल में
हर हाल में साथ मिलता है खड़ा।
बन जाता है ढाल दोस्त
दोस्ती के लिये।
उठा लेता है बोझ गमों का भी
दोस्त की जिन्दगी के लिये।
एक सच्चे मित्र की मित्रता,
निराश नहीं होने देती किसी को।
आंसू भी निकल आये तो,
भिगो लेते हैं अपने दामन को।
ये अतिशयोक्ति नहीं
यथार्थ है।
रिश्तेदारों में दोस्त
सुनहरे अक्षरों में लिखा जाना चाहिए
ये नि:सर्वार्थ है।
