beena goyal

Classics


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कर्फ्यू का चौदहवां दिन

कर्फ्यू का चौदहवां दिन

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5 अप्रैल दिन रविवार, आज तो मेरा मन सुबह से ही आनंदित हो रहा है कि कब रात के 9:00 बजे और कब में दीपक मोमबत्ती को अपनी बालकनी में प्रज्वलित कर सकूं।

पता नहीं ये 9 मिनट मेरे लिए क्या सुखद अनुभूति प्रदान करेंगे लेकिन इतना जरूर है कि मोदी जी के आव्हान पर कोरोनावायरस के संबंध में जो अपील की गई है वह बहुत ही अद्भुत है क्योंकि आज पूरा भारत एक सूत्र में बंधकर यह संदेश देना चाहता है कि कोई अकेला नहीं है।

हम सब साथ साथ हैं क्योंकि दुनिया में आज यह दीपक अंधकार का अंत करके प्रकाश की नई दिशा दिखाएगा क्योंकि मनुष्य के संकल्प को दुनिया में कोई नहीं हिला सकता क्योंकि यह दीपक मनुष्य की प्रेरणा स्रोत है यही शक्ति मनुष्य की सबसे बड़ी ताकत बनती है तो फिर यह कोरोनावायरस क्या चीज है।


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